Digital Marketing और Hindi

January 23, 2019
Posted in Blog
January 23, 2019 Team Content Vista

भारत की करीब 130 करोड़ की आबादी में एक अनुमान के मुताबिक अंग्रेजी बोलने और समझने वाले लोग सिर्फ 12-13 करोड़ हैं, जो की पूरे देश की आबादी का सिर्फ 10 % हिस्सा है । इसका सीधा मतलब यह है की आज भी करीब भारत के 90% लोग हिंदी या किसी दूसरी भारतीय भाषा को ज़्यादा बेहतर समझते हैं ।

Courtesy:- Financial Express

 

कुछ वक़्त पहले तक भारत की आबादी का एक बड़ा हिस्सा Digital  Market की पहुँच से बाहर था, जो अपने काम का एक हिस्सा अंग्रेज़ी में करती थी । ऐसे में डिजिटल मार्किट ने भी अब खुद को हिंदी की तरफ मोड़ा है और इसको लेकर काफी तेज़ी से काम करना शुरु कर दिया है । पर इन सब के बावजूद अब भी एक बड़ा हिस्सा उनकी पहुँच से दूर है ।

बात अगर आज से सिर्फ 1 दशक पहले की करें तो डिजिटल मार्केटिंग की पूरी दुनिया सिर्फ कुछ गिने- चुने शहरों तक ही सीमित थी । ऐसा होने के पीछे की वजह सिर्फ एक थी, वह थी देश के छोटे शहरों और गाँवों में मोबाइल फ़ोन, इंटरनेट और कंप्यूटर जैसी चीज़ों का ना के बराबर होना । उस वक़्त गाँव- देहात में मोबाइल फ़ोन और कंप्यूटर जैसी चीज़ों को  ‘बड़े शहरों’ की चीजें कही जाती थीं । यहीं वजह थी की Digital Marketing Industry अपना पूरा व्यापार और इसके ग्राहकों को सिर्फ उन्हीं कुछ बड़े शहरों के भीतर ही ढूँढ रही थी  ।

पर साल कुछ सालों मे देश के भीतर एक क्रांति जैसी  एक चीज़ हुई जिसने पूरी की पूरी DigitalMarketing Industry  के रुख को बदल कर रख दिया । साल 2015 के आस – पास जब सस्ते दाम पर इंटरनेट पैक उपलब्ध हुए, तो इंटरनेट पर डाटा की खपत भी तेज़ी से बढ़ने लगी । इस चीज़ को इस तरह समझिए की एक समय था जब कोई भी इंटरनेट इस्तेमाल करने वाला शख्स एक महीने में करीब 1 GB डाटा ही खर्च करता था और उस 1 GB डाटा के लिए उसे लगभग 300 रुपये देने पड़ते थे ।

वहीं आज उनको  200 से भी कम रूपये में महीने भर के लिए 28- 40 GB डाटा मिल जाता है, मतलब जितना डाटा  पहले वह एक महीने में खर्च करता था अब उससे कुछ ज़्यादा वह एक दिन में ही खर्च कर देता है । जब उसे खर्च ने को डाटा मिला तो उसने यूट्यूब, इंस्टाग्राम और वॉट्सएप्प जैसे चीज़ों का जमकर इस्तेमाल करना शुरु किया ।

Courtesy: – Your story

उदाहरण के लिए पहले अगर कोई भी इंटरनेट इस्तेमाल करने वाला यूट्यूब इस्तेमाल करने से खासतौर पर बचता था क्योंकि यूट्यूब पर एक 5 मिनट का वीडियो देखने में ही उसका 200 -300 MB डाटा खप जाता था । पर अब लोग यूट्यूब पर ही ज़्यादा वक़्त बिताते हैं और इनमें से भी ज़्यादातर लोग ऐसे हैं, जिनके हाथों में स्मार्टफोन पहली बार पहुँचा है और जो छोटे शहरों और गाँवों से आते हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में एक व्यक्ति महीने भर में औसतन 11 GB इंटरनेट का इस्तेमाल करता है, जिसमें में वह उस 11 GB का 65 % हिस्सा Video content देखने में खर्च करता है और उस 65 % Video Content में भी ज़्यादातर वक़्त वह Hindi Content देखने में ही बिताता है ।

जैसे ही इंटरनेट के दाम सस्ते हुए, वैसे ही मोबाइल फ़ोन बनाने वाली कंपनियों ने भी सस्ते स्मार्टफोन बाज़ार में उतारने शुरु कर दिए, जिसने इंटरनेट को घर – घर पहुंचाने का काम कर दिया । इन सब चीज़ों के बीच देश में Optical Fibre Network पर भी काफी तेज़ी से काम हुआ। सरकार ने पहल करते हुए देश के 2,00,000 से ज़्यादा ग्राम पंचायतों को National Optical Fibre Network से जोड़ने का काम किया जिसकी वजह से देश के दूर – दराज़ के इलाकों में internet connectivity की हालत में बहुत सुधार आया । पर इन सब के बावजूद अब भी बहुत से लोग बचे हैं जिनका इंटरनेट से जुड़ना बाकी है । एक अंदाजे के मुताबिक साल 2021 आते- आते सिर्फ भारत में इंटरनेट से 52 करोड़ से ज़्यादा लोग जुड़ जाएंगे, जिसमें से अकेले हिंदी में इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या 20 करोड़ से ज़्यादा हो जाएगी।

total Hindi Internet users in india
Courtesy:- Your Story

अगर इस चीज़ को बाज़ार की नज़र से देखा जाए तो एक बहुत बड़ा आँकड़ा है क्योंकि 20 करोड़ किसी अच्छे ख़ासे देश की आबादी होती है । बड़े- बड़े जानकार भी इस बात को मानते हैं की भारत पर आने वाले वक़्त में दुनिया की नज़र होगी क्योंकि अगर उन्हें अपने यहाँ बनी हुए चीज़ों को खपाना है, तो उन्हें भारत के ओर ही मुड़ना होगा और अगर भारत जैसे बड़े देश में अपने प्रोडक्ट को उसके सही ग्राहक तक पहुँचाना है, तो आपको उन्हीं की भाषा में उनसे जुड़ना और संपर्क  करना होगा।

भारतीय Digital market में हिंदी या किसी अन्य भारतीय भाषा के  इस्तेमाल होने पर सफलता मिलने की संभावना इसलिए भी ज़्यादा है क्योंकि भारत में लोगों के लिए उनकी भाषा, एक भाषा से बढ़कर कहीं ज़्यादा है । यहाँ  लोग भाषा को अपने सम्मान का प्रतीक मानते हैं और और उनकी भाषा उनके लिए एक भावनात्मक चीज़ है ।

Digital Market का ही एक अहम हिस्सा माने जाने वाली Content Creation और Marketing से जुड़ी कंपनियों ने भी इस बदलाव को ध्यान में रखकर, अब Hindi Content Writing Services के लिए अलग से फुल टाईम राइटर्स रखने शुरु कर दिए हैं । आने वाले समय में ऐसे राइटर्स की ज़रूरत Digital Market और भी ज़्यादा पड़ने वाली है क्योंकि आखिर में हर चीज़ के लिए कंटेंट ही सबसे ज़रूरी चीज़  होती है चाहें वो Digital माध्यम हो या Non-Digital Marketing माध्यम ।

इसलिए इस बात को मानने में कोई हर्ज़ नहीं है की हिन्दी को अब बाज़ार के लिहाज़ से अनदेखा करना मुश्किल है क्योंकि सिर्फ थोडे से वक़्त में ही हिन्दी ने Digital Marketing Tool बनकर Digital Marketing की दुनिया में बहुत से रास्ते खोले हैं और आने वाले कल में हिंदी ऐसे और भी रास्ते खोलेगी, जो Digital Marketing Industry की तरक्की की रफ्तार को कई गुना तेज़ी से बढ़ाएगी, इसकी पूरी – पूरी  संभावना है I

,